गम्हरिया थाना दुष्कर्म मामले में नया खुलासा, पीड़िता के नाबालिग होने की पुष्टि के बाद POCSO एक्ट भी लगा

Spread the love

आदित्यपुर/गम्हरिया: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला से दुष्कर्म के मामले में नया खुलासा हुआ है। चिकित्सीय और दस्तावेजी जांच में पीड़िता के नाबालिग होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिपाही के साथ घटना में कथित रूप से सहयोग करने वाले अन्य पुलिसकर्मियों पर भी इस कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।

मीडिया में प्रकाशित तस्वीरों के आधार पर ओडिशा के मयूरभंज और बड़बिल क्षेत्र में रहने वाले परिजनों ने पीड़िता की पहचान की। मानवाधिकार संगठन के प्रतिनिधियों की मदद से परिजन गम्हरिया पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि किशोरी पिछले करीब छह महीने से लापता थी। परिजनों की लिखित शिकायत के अनुसार, शंकर दास नामक युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले आया था और पत्नी के रूप में रख रहा था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने शंकर दास को गिरफ्तार कर पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भेज दिया।

इस मामले में सरायकेला के एसपी मनोज स्वर्गियारी ने पूर्व थाना प्रभारी समेत कुल 15 पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित कर दिया है। वहीं, मुख्य आरोपी सिपाही समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

29 अक्टूबर से गम्हरिया थाने में नई पुलिस व्यवस्था लागू की गई है। नवनियुक्त थाना प्रभारी राजेश टुडू के नेतृत्व में नए पुलिस बल ने जिम्मेदारी संभाल ली है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग और गश्ती दलों को फिर से सक्रिय किया गया है। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि इस घटना के बाद आम लोगों का भरोसा दोबारा कायम किया जा सके।