धनबाद: कोल इंडिया लिमिटेड की दो अनुषंगी कंपनियों महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। आधिकारिक सूत्रों से मिले संकेतों के अनुसार, MCL को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से आईपीओ की मंजूरी मिल चुकी है। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा।


प्रस्तावित आईपीओ के तहत कोल इंडिया अपनी 66.18 करोड़ हिस्सेदारी वाले शेयर बेचेगी। इस इश्यू का संभावित आकार करीब 9,000 से 9,500 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसके नवंबर के अंत या दिसंबर 2026 में बाजार में आने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, SECL ने भी 1 नवंबर को आईपीओ के लिए सेबी के पास शुरुआती दस्तावेज दाखिल किए हैं। इसका इश्यू भी पूरी तरह ऑफर फॉर सेल पर आधारित होगा। इसके तहत कोल इंडिया अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी करीब 66.81 करोड़ शेयर बेचने की योजना बना रही है।
इससे पहले कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDIL) में भी विनिवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। MCL और SECL के आईपीओ को कोल इंडिया के विनिवेश कार्यक्रम के अगले महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
कोयला उत्पादन में दोनों कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, SECL अकेले कोल इंडिया के कुल कोयला उत्पादन में 16.94 प्रतिशत योगदान देती है। इन आईपीओ के जरिए कोल इंडिया अपनी अनुषंगी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर बाजार से पूंजी जुटाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

