जमशेदपुर: शिक्षा के क्षेत्र में दशकों तक योगदान देने वाली सम्मानित शिक्षाविद श्रीमती के. उमा को डीबीएमएस परिवार और जमशेदपुर के लोगों ने भावभीनी विदाई दी। लंबे समय तक शहर में शैक्षणिक और सामाजिक सेवाएं देने के बाद अब वे मुंबई स्थानांतरित हो रही हैं। उनके जाने से डीबीएमएस परिवार, पूर्व छात्रों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में भावुकता का माहौल रहा।


श्रीमती के. उमा ने अपने शैक्षणिक सफर की शुरुआत डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल में गाइड टीचर के रूप में की थी। उन्होंने अपने प्रेम, अनुशासन और ज्ञान के माध्यम से कई पीढ़ियों के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और उनके स्नेहपूर्ण व्यवहार ने उन्हें सभी के बीच विशेष पहचान दिलाई।
बाद में वे WCA यानी वीमेंस करियर एकेडमी, जिसे अब डीबीएमएस करियर एकेडमी के नाम से जाना जाता है, की संस्थापक सदस्य और प्राचार्या बनीं। उनके नेतृत्व में संस्थान ने शिक्षा के साथ-साथ करियर निर्माण, नैतिक मूल्यों, संस्कृति और संस्कारों को भी महत्व दिया। विद्यार्थियों के हित में उनका अनुशासन, दृढ़ सिद्धांत और मातृत्वपूर्ण स्नेह आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
श्रीमती के. उमा के पति शास्त्री जी सर भी एलआईसी में प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद जमशेदपुर में सामाजिक सेवा से जुड़े रहे। डीबीएमएस परिवार ने दोनों के योगदान को याद करते हुए कहा कि शहर में उनके द्वारा किए गए कार्य लंबे समय तक स्मरणीय रहेंगे।
पूर्व छात्रों, डीबीएमएस करियर एकेडमी परिवार और जमशेदपुर समुदाय की ओर से श्रीमती के. उमा को सुखी, स्वस्थ, शांतिपूर्ण और मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। विदाई के अवसर पर भावुक संदेश में कहा गया, “आपकी बहुत कमी खलेगी मैडम। जमशेदपुर आपको हमेशा याद करेगा। आपने हमें जो कुछ दिया, उसके लिए हृदय से धन्यवाद।”

