सारंडा में कारो नदी के किनारे लगाए गए 6 हजार पौधे, पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों को मिलेगा आय का अवसर

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जमशेदपुर: पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग ने कारो नदी के किनारे छह हजार पौधे लगाए हैं। नदी तटीय पौधरोपण अभियान के तहत करीब दो किलोमीटर के दायरे में यह पहल की गई है। गुवासाई और नुइयां गांव के ग्रामीणों ने ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर नदी किनारे पौधरोपण की मांग की थी। ग्रामीणों की सहभागिता से शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य मिट्टी के कटाव को रोकना, जैव विविधता बढ़ाना और स्थानीय लोगों के लिए आय के अवसर तैयार करना है।

अभियान के तहत आम, काजू, कटहल, सागौन, नीम, महोगनी और साल जैसी प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनके विकसित होने के बाद फलदार पौधों से ग्रामीणों को आमदनी का अवसर मिल सकता है। वन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत यह पौधरोपण कराया है।

पौधों की सुरक्षा के लिए कंटीले तारों से घेराबंदी और पिलर कास्टिंग भी कराई गई है। इसके अलावा नदी किनारे मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने के लिए जल एवं मृदा संरक्षण से जुड़ी संरचनाएं बनाई गई हैं। इससे पौधों की सुरक्षा के साथ नदी तट के संरक्षण में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

सारंडा के डीएफओ अभिरूप सिन्हा ने बताया कि कारो नदी के किनारे छह हजार पौधे रोपे गए हैं और उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि फलदार पौधों के विकसित होने पर ग्रामीण फल बेचकर आय अर्जित कर सकेंगे।

वन विभाग के अनुसार, इस अभियान का वास्तविक पर्यावरणीय लाभ पौधों के जीवित रहने और पूरी तरह विकसित होने पर निर्भर करेगा। इसके लिए पौधों की देखभाल और सुरक्षा महत्वपूर्ण होगी।