जमशेदपुर: नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) परिसर में ड्रेस, फीस और एक छात्र के पंजीकरण को लेकर चल रहे विवाद पर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। प्रबंधन ने कहा है कि संस्थान की सभी प्रशासनिक और शैक्षणिक प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से संचालित की जाती हैं।


विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, बीए राजनीति विज्ञान के सत्र 2026-29 के छात्र राजवीर सिंह ने पाठ्यक्रम छोड़ने और अपना नामांकन एवं रजिस्ट्रेशन रद्द कराने के लिए स्वयं लिखित आवेदन दिया था। प्रबंधन का दावा है कि छात्र के इसी आवेदन के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की गई। विश्वविद्यालय ने संबंधित आवेदन की प्रति और अन्य दस्तावेज जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय को भी सौंपे हैं।
फीस वापसी को लेकर उठे सवालों पर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि रिफंड की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती है। विश्वविद्यालय के मुताबिक, 24 घंटे के भीतर रिफंड की बात कही गई थी, लेकिन भुगतान सीधे बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाना था। इसके लिए अभिभावकों से बैंक खाते का विवरण मांगा गया था। प्रबंधन का कहना है कि अभिभावक मौके पर नकद भुगतान की मांग कर रहे थे, जिसे संस्थान की वित्तीय प्रक्रिया के तहत पूरा करना संभव नहीं था।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि रजिस्ट्रेशन और फीस से संबंधित सभी कार्रवाई उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की गई है। प्रबंधन ने एकतरफा आरोपों के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।
संस्थान ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए तैयार है। साथ ही, विश्वविद्यालय परिसर में शांति और शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील की गई है।

