साइबर अपराध से निपटने के लिए झारखंड पुलिस की नई पहल, 78 पुलिसकर्मियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

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रांची: बढ़ते साइबर अपराध के मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए झारखंड पुलिस ने अपने अनुसंधान पदाधिकारियों को आधुनिक तकनीकों से लैस करने की पहल की है। इसी क्रम में सोमवार से होटवार स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में “साइबर अपराध का अनुसंधान” विषय पर पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिन्हा ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के विशेषज्ञ प्रशिक्षक पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध अनुसंधान की नवीनतम तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं।

प्रशिक्षण के दौरान ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, डिजिटल भुगतान से जुड़े अपराध, सोशल मीडिया अपराध, डिजिटल साक्ष्य संग्रहण की प्रक्रिया, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) तथा इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR) के विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

इसके अलावा, डार्क वेब और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराधों की पहचान और उनकी जांच की आधुनिक पद्धतियों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों से कुल 78 पुलिसकर्मी भाग ले रहे हैं। इनमें हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक तथा पुलिस निरीक्षक रैंक के अधिकारी एवं जवान शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराधी लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में अनुसंधान पदाधिकारियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और डिजिटल जांच प्रक्रियाओं से प्रशिक्षित करना समय की आवश्यकता है।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद पुलिसकर्मी साइबर ठगी, ऑनलाइन अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की अधिक प्रभावी ढंग से जांच कर सकेंगे। इससे आम लोगों को साइबर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने और अपराधियों तक तेजी से पहुंचने में पुलिस को सहायता मिलेगी।