झारखंड :महुआडांड़ प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। संत मिखाईल स्कूल, साले की छुट्टी के बाद घर लौट रहे मासूम बच्चों से भरा एक टेम्पो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हृदयविदारक हादसे में कक्षा सात के छात्र अंकुर मिंज (पिता- एलेस्युस मिंज) ग्राम अक्सी की मौत हो गई, जबकि दर्जनों छात्र-छात्राएं घायल हो गए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल छुट्टी के बाद लगभग 30 बच्चे एक ही टेम्पो में सवार होकर गांव की ओर लौट रहे थे। वाहन साले बस्ती पार कर जैसे ही मुख्य मार्ग पर ग्राम मौनाडीह से आगे बढ़ा, टेम्पु में चालक के साथ आगे 5-6 अन्य यात्री भी बैठे होने के कारण स्टेयरिंग संभालने में दिक्कत हुई और टेम्पो अचानक असंतुलित होकर सड़क पर पलट गया।हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए घायलों को बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां का माहौल गमगीन हो गया और हर ओर विलाप सुनाई देने लगा।घायलों में आर्तीक बाड़ा (पिता- पीटर बाड़ा), सोनू एक्का (पिता- एलियाजर एक्का), अवैश कुजुर (पिता- जोसेफ कुजूर), अनुज उरांव (पिता- कृष्णा उरांव), शुभम खलखो (पिता- रेमोन खलखो), अनुरूपा एक्का (पिता- फुलजेंस एक्का), नेहा टोप्पो (पिता- ईश्वर टोप्पो), प्रिज्मा केरकेट्टा (पिता- अविरल केरकेट्टा), एंजेल टोप्पो (पिता- सुनील टोप्पो), वर्तिका केरकेट्टा, अर्श मिंज, साक्षी टोप्पो सहित ग्राम अक्सी के कई अन्य बच्चे शामिल हैं। वहीं अन्य को हल्की चोटे आई हैं। सभी का इलाज जारी है।हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। प्रारंभिक जांच में ओवरलोडिंग को ही हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि नियमित रूप से इसी तरह ओवरलोडिंग कर बच्चों को लाया ले जाया जाता था।गौरतलब है कि थाना प्रभारी मनोज कुमार द्वारा पूर्व में संत जेवियर महाविद्यालय, संत जोसफ विद्यालय समेत अन्य शिक्षण संस्थानों में यातायात नियमों के पालन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया गया था। वाहन जांच के दौरान भी कई बार ओवरलोडिंग करने वाले चालकों को चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद, वाहन चालकों की मनमानी, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है, जिसने एक मासूम की जान ले ली।इस घटना के बाद पूरे महुआडांड़ क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित और निर्धारित परिवहन व्यवस्था लागू की जाए, ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।



