रांची: सिकिदिरी हाइडल प्रोजेक्ट में 20.87 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितता, पूर्व JSEB अध्यक्ष एसएन वर्मा पर आरोप तय

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रांची: सिकिदिरी हाइडल प्रोजेक्ट (स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना) में 20.87 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने झारखंड राज्य बिजली बोर्ड (जेएसईबी) के तत्कालीन अध्यक्ष शिवेंद्र नाथ वर्मा उर्फ एसएन वर्मा के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट से लगी रोक हटने के करीब छह महीने बाद भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों की प्रस्तुति के लिए 30 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।

सीबीआई ने इस मामले में 3 जून 2016 को एसएन वर्मा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच पूरी करने के बाद सितंबर 2020 में आरोपपत्र दाखिल किया गया। सीबीआई के अनुसार, वर्ष 2011-12 में जेएसईबी के कुछ अधिकारियों ने भेल और एनपीईएल के साथ कथित आपराधिक साजिश रची थी।

आरोप है कि जिस मरम्मत कार्य का अनुमानित खर्च करीब 2.5 करोड़ रुपये था, उसे नियमों की अनदेखी कर 20.87 करोड़ रुपये में भेल को सौंप दिया गया। एसएन वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने दरों की उचित जांच कराए बिना और बोर्ड के अन्य इंजीनियरों के 4.88 करोड़ रुपये के अनुमान को नजरअंदाज करते हुए प्रस्ताव को मंजूरी दी। तत्कालीन सदस्य (वित्त) आलोक शरण के साथ मिलकर बिना बैंक गारंटी के 20 प्रतिशत ब्याजमुक्त अग्रिम भुगतान पर सहमति देने का आरोप भी लगाया गया है। सीबीआई का दावा है कि इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।

इस मामले में एसएन वर्मा ने आरोपपत्र पर संज्ञान लिए जाने के आदेश को हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई 2024 को अभियोजन स्वीकृति के अभाव में निचली अदालत का संज्ञान आदेश निरस्त कर दिया था। हालांकि, सीबीआई को आवश्यक अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर नए सिरे से प्रक्रिया आगे बढ़ाने की छूट दी गई थी।

इसके बाद विशेष सीबीआई अदालत ने दस्तावेजों की समीक्षा कर प्रथमदृष्टया मामला पाया और 24 मार्च 2026 को एसएन वर्मा को मुकदमे का सामना करने के लिए समन जारी किया। अब अदालत में गवाहों और साक्ष्यों की प्रस्तुति की प्रक्रिया 30 नवंबर से आगे बढ़ेगी। आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है; मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।