मुंबई: KGF फेम प्रशांत नील के प्रोडक्शन में बनी साउथ की हॉरर फिल्म ‘418’ 23 अक्टूबर 2026 को हिंदी में सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। कीर्तन नादगोड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी कर्नाटक के मेडिकल कॉलेज VIMS के एक रहस्यमयी हॉस्टल के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में सूर्य राज वीरबाथिनी ने विवेक शंकर की भूमिका निभाई है।


कहानी मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले विवेक की है, जिसके माता-पिता उसकी पढ़ाई के लिए अपना घर गिरवी रख देते हैं। कॉलेज में दाखिला लेने के बाद विवेक एक नए रेनोवेट हुए हॉस्टल में रहने लगता है। करीब 15 साल तक बंद रही इस इमारत में पहले मानसिक अस्पताल संचालित होता था। हॉस्टल में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है और कमरा नंबर 418 को भी बंद रखा गया है। कुछ दिनों बाद विवेक के साथ असामान्य घटनाएं होने लगती हैं और हॉस्टल के अतीत से जुड़े रहस्य सामने आने लगते हैं।
फिल्म की शुरुआत खून से लथपथ महिला के हमले के डरावने दृश्य से होती है, जो रहस्य और भय का माहौल बनाता है। हालांकि, इसके बाद हॉस्टल की जिंदगी, रैगिंग और दूसरे किरदारों से जुड़ी घटनाओं के कारण कहानी की गति धीमी हो जाती है। इंटरवल के बाद देविका (चैइत्रा जे आचार) के अतीत के जरिए कमरा नंबर 418 और हॉस्टल के इतिहास से जुड़े कई रहस्य खुलते हैं।
तकनीकी पक्ष में दिनेश दिवाकर की सिनेमैटोग्राफी और वेंकी जीजी का संगीत फिल्म के रहस्यमयी वातावरण को मजबूत बनाते हैं। वहीं, अकुल अविनाश की एडिटिंग को समीक्षा में कमजोर बताया गया है। फिल्म में महिलाओं के साथ अन्याय, मानसिक स्वास्थ्य, चिंता और डिप्रेशन जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है, लेकिन इन पर अधिक गहराई से काम किया जा सकता था।
कुल मिलाकर, ‘418’ रहस्यमयी माहौल और कुछ डरावने दृश्यों के जरिए दर्शकों को प्रभावित करती है। हालांकि, धीमी रफ्तार, बार-बार जंप स्केयर्स और तेज आवाज के इस्तेमाल के कारण डर का प्रभाव कम हो जाता है। हॉरर फिल्मों के शौकीनों को इसमें कुछ दिलचस्प पल मिल सकते हैं, लेकिन कहानी और उसके खुलासों से अधिक प्रभाव की उम्मीद रखने वाले दर्शकों को निराशा हो सकती है।

