न्यूजभारत20 डेस्क:- उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 36 वर्षीय महिला ने पीरियड्स (मासिक धर्म) के कारण नवरात्रि का व्रत और पूजा ना कर पाने से दुखी होकर आत्महत्या कर ली। घटना झांसी जिले के एक इलाके की है, जहां रहने वाली महिला नवरात्रि के व्रत और पूजा-पाठ को लेकर बेहद आस्थावान थी। बताया जा रहा है कि जब उसके पीरियड्स शुरू हो गए, तो वह अपने धार्मिक अनुष्ठान पूरे नहीं कर पाई, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई। इसी तनाव में आकर महिला ने जहर खा लिया।

परिवार के लोगों को जब इस घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, महिला नवरात्रि के दौरान व्रत और पूजा को लेकर बहुत उत्साहित थी। वह हर साल पूरी श्रद्धा के साथ नवरात्रि का उपवास रखती थी, लेकिन इस बार पीरियड्स आने के कारण वह ऐसा नहीं कर पाई। यह बात उसे गंभीर रूप से परेशान करने लगी, और उसने यह कदम उठा लिया। इस घटना से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अंधविश्वास और मानसिक दबाव का गंभीर मामला हो सकता है, जिस पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि क्या महिला पर किसी तरह का सामाजिक या पारिवारिक दबाव था। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं से जुड़ी धार्मिक धारणाओं को लेकर समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। मासिक धर्म एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, और इसे लेकर अंधविश्वास या अपराधबोध नहीं होना चाहिए। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि आध्यात्मिक आस्था और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। इस तरह के मामलों को रोकने के लिए समाज को महिलाओं के प्रति सोच बदलने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।
पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है, और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या धार्मिक आस्था के नाम पर महिलाओं पर अनावश्यक मानसिक दबाव डाला जाता है? और क्या ऐसे मामलों को रोकने के लिए समाज में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है?