जमशेदपुर: साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के कोषाध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह गांधी का सोमवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका इलाज रायपुर में चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही जमशेदपुर के सिख समाज और शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई।


समाज सेवा के लिए जाने जाते थे जसबीर सिंह गांधी
सरदार जसबीर सिंह गांधी साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के सक्रिय और समर्पित सदस्य थे। वे समिति में कोषाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे और सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। अपने मिलनसार और शांत स्वभाव के कारण उनकी समाज में विशेष पहचान थी।
लंबे समय से चल रहा था इलाज
परिजनों और सूत्रों के अनुसार, वे पिछले कुछ समय से बीमार थे और बेहतर उपचार के लिए रायपुर में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी उम्र लगभग 65 वर्ष बताई जा रही है।
परिवार और समाज को अपूरणीय क्षति
सरदार जसबीर सिंह गांधी अपने पीछे तीन बच्चों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। सिख समाज में उनकी मजबूत सामाजिक भूमिका रही है और उनके निधन को समाज के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
सिख समाज ने दी श्रद्धांजलि
उनके निधन की सूचना मिलते ही गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के सदस्यों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और शहर के गणमान्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सरदार निशान सिंह ने कहा कि “जसबीर सिंह गांधी एक समर्पित और कर्मठ सदस्य थे। उनका सौम्य स्वभाव सभी को आकर्षित करता था। उनका निधन सिख समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।”
अंतिम संस्कार आज
परिजनों के अनुसार, सरदार जसबीर सिंह गांधी की अंतिम यात्रा मंगलवार को उनके आवास से निकलेगी, जबकि उनका अंतिम संस्कार सुबह 10:00 बजे किया जाएगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दें। ॐ शांति।

