सोना देवी विश्वविद्यालय को AICTE की मान्यता, 600 सीटों पर तकनीकी शिक्षा को मिली मंजूरी

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जमशेदपुर : सोना देवी विश्वविद्यालय को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, एआईसीटीई से मिली मान्यता, 600 सीटों पर मिली है मान्यता

• एआईसीटीई भारत में तकनीकी शिक्षा की देखरेख करने वाली एक राष्ट्रीय नियामक संस्था है
• एआईसीटीई द्वारा मान्यता मिलने से एसडीयू के विद्यार्थी अब अन्य उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए पात्र हो जायेंगे- प्रो डॉ ब्रजमोहन पट पिंगुआ, कुलपति, सोना देवी विश्वविद्यालय
• अब एनसीटीई की मान्यता के लिए आवेदन किया जायेगा- श्री प्रभाकर सिंह, कुलाधिपति, सोना देवी विश्वविद्यालय

सोना देवी विश्वविद्यालय घाटशिला को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, एआईसीटीई ने कल दिनांक 6 मई 2026 को मान्यता प्रदान की. एआईसीटीई तकनीकी शिक्षा में स्नातक और स्नात्काोत्तर तथा डिप्लोमा कार्यक्रमों को मान्यता देता है. सोना देवी विश्वविद्यालय द्वारा तकनीकी शिक्षा के लिए बीटेक और डिप्लोमा कोर्स संचालित कराए जा रहे हैं. यहां संचालित विभिन्न कोर्स के लिए 600 सीट की अनुमति मिली है. विद्यार्थी यहां से बीटेक में मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल एण्ड इलेक्ट्राॅनिक्स इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग तथा कम्पयूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर सकते हैं. विद्यार्थियों को यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साईबर सिक्योरिटी, मशीन लर्निंग तथा डेटा र्साइंस में स्पेशलाइजेशन भी कराया जाता है, वहीं विद्यिार्थी यहां से मेकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, कम्पयुटर साइंस तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर सकते हैं.
एआईसीटीई भारत में तकनीकी शिक्षा की देखरेख करने वाली एक राष्ट्रीय नियामक संस्था है. इसकी मुख्य भूमिका इंजीनियरिंग प्रबंधन जैसे क्षेत्रों की शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है. एआईसीटीई संस्थानों को मान्यता देने के साथ साथ शिक्षा संबंधी दिशानिर्देश निर्धारित करता है. एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय शिक्षा की गारंटी देते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि उनके पाठ्यक्रम उद्योग मानकों के अनुरूप हों तथा विद्यार्थियों को रोजगार हासिल करने लायक पर्याप्त ज्ञान कौशल उपलब्ध करा सकें.
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ ब्रजमोहन पट पिंगुआ ने बताया कि एआईसीटीई द्वारा मान्यता मिलने से एसडीयू के विद्यार्थी अब अन्य उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए पात्र हो जायेंगे. ये सरकार से मिलने वाले छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण के लिए भी पात्र हो जायेंगे. उन्होंने आगे बताया कि यह मान्यता उन्हीं संस्थानों को मिलता है जहां तकनीकी शिक्षा के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध्ध हो और वे तकनीकी शिक्षा के लिए उच्च मानकों को पूरा करते हैं. प्रो डॉ ब्रजमोहन पट पिंगुआ सीएसआईआर धनबाद के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च के वरिष्ठ वैज्ञानिक रहे हैं. यहां उन्हें प्राध्यापक के रूप में लंबे समय तक कार्य करने का अनुभव है. इन्हें मेटेरियल साइंस, माइनिंग और इससे जुड़ी इंडस्ट्रीज के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त है. इन्होंने दर्जनों शोधपत्र प्रकाशित कराए हैं और कई पेटेंट हैं. इन्होंने बताया कि सोना देवी विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को इंटर्नशिप कराने और बेहतर प्रशिक्षण दिलाने के लिए तीस से अधिक संस्थानों के साथ एमओयू किया है जिनमें इंटेल भी शामिल है.
इधर सोना देवी विश्वविद्यालय की कुलसचिव डाॅ नित नयना ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि एआईसीटीई मान्यता एक तकनीकी शिक्षण संस्थान की विश्वसनीयता का प्रमाण है जो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देता है.
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने इसे विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि बताया और इसका श्रेय इलेक्ट्रिकल एण्ड इलेक्ट्राॅनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमति पूजा तिवारी और उनकी टीम को दिया. इस टीम में अनल बेरा, मोहित, राहुल कुमार साव, आदिल, एस के आरिफ, दीपशिखा नस्कर और श्रीमति मोनिका सिंह शामिल हैं. कुलाधिपति श्री सिंह ने कहा कि इस टीम ने दिन रात मेहनत कर इस कार्य को सफल बनाया है इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं. विश्वविद्यालय को यह मान्यता मिलने से एसडीयू के सभी अधिकारियों कर्मचारियों और फैकल्टी में उत्साह का माहौल है.