मॉस्को :रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी चर्चा सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार क्रेमलिन परिसर में लगाए गए हाई-टेक सर्विलांस और सुरक्षा सिस्टम को लेकर इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल निगरानी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब साइबर सुरक्षा और एआई आधारित खतरों को लेकर रूस की चिंता बढ़ी हुई है।


सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या किसी तकनीकी गड़बड़ी या साइबर खतरे के कारण सिस्टम को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। बताया जा रहा है कि क्रेमलिन की सुरक्षा पर कई लेयर वाले डिजिटल नेटवर्क और AI आधारित निगरानी सिस्टम लगाए गए हैं, जिनका उद्देश्य किसी भी बाहरी खतरे को तुरंत पहचानना है।
इस पूरे मामले को रूस की सुरक्षा रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल ही में वैश्विक स्तर पर बढ़ते साइबर अटैक और एआई के दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसके चलते कई देशों ने अपने महत्वपूर्ण सरकारी नेटवर्क की सुरक्षा और सख्त कर दी है। रूस में भी इसी दिशा में सुरक्षा समीक्षा और सिस्टम अपग्रेड की प्रक्रिया चल रही है।

