जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन के नेतृत्व में समाहरणालय के समीप गौरांगडीह स्थित सिंहदेव ढाबा का औचक निरीक्षण किया गया।


निरीक्षण के दौरान ढाबा के किचेन में गंदगी पाई गई। खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कर्मियों द्वारा हेडगियर और एप्रन का उपयोग नहीं किया जा रहा था, साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता के मानकों का भी पालन नहीं हो रहा था। टीम द्वारा संचालक से पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र और पेस्ट कंट्रोल से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, जिन्हें प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
इन अनियमितताओं के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सिंहदेव ढाबा संचालक पर ₹5000 का जुर्माना लगाया गया, जिसकी वसूली मौके पर ही कर ली गई। इसके अलावा परिसर में खुली और जली हुई सिगरेट पाए जाने पर कोटपा (झारखंड संशोधन) अधिनियम, 2021 के उल्लंघन में ₹1000 का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया।
साथ ही संचालक को तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित करने और सभी नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया।
इसी क्रम में किशन कन्हैया ढाबा में भी कोटपा अधिनियम के उल्लंघन के मामले में ₹200 का जुर्माना लगाया गया, जिसकी वसूली मौके पर ही की गई।
जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को निर्देश दिया है कि वे खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, कर्मियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई, नियमित मेडिकल जांच और पेस्ट कंट्रोल से संबंधित सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में कार्तिक महतो, तरुण महतो और टोबैको कंट्रोल सेल के अशोक यादव शामिल थे।

