अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सामुदायिक भवन, सरायकेला सभागार में योगाभ्यास कार्यक्रम का हुआ आयोजन…. योग हमारे कल्चर का हिस्सा है, योग से हमारे अंदर एकाग्रता, आत्मविश्वास और शांति का प्रवाह होता है : उपायुक्त

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सरायकेला-खरसावां:- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सरायकेला स्थित सामुदायिक भवन सभागार में जिला प्रशासन सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा एवं उपायुक्त -सह-जिला दंडाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लूणायत, निदेशक डीआरडीए डॉ. अजय तिर्की, जिला परिवहन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी, स्थानीय नागरिक, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने सभी को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं एवं योग को दैनिक जीवन में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि मन और आत्मा को भी संतुलित करता है। उपायुक्त ने योग को “एकाग्रता, आत्मविश्वास एवं मानसिक शांति का माध्यम” बताते हुए कहा कि यह आधुनिक जीवनशैली में अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने योग को विश्व पटल पर प्रतिष्ठा दिलाई है, और यह अब एक वैश्विक स्वास्थ्य समाधान के रूप में स्वीकार किया जा चुका है।

पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लूणायत ने भी योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग तनावमुक्त जीवन का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे स्वस्थ, अनुशासित एवं संतुलित जीवन हेतु योग को अपनाएं।

इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को योग के विभिन्न आसनों एवं प्राणायामों का अभ्यास कराया गया एवं योग से संबंधित उपयोगी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने माननीय प्रधानमंत्री जी का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ऑनलाइन संबोधन भी सुना।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” (एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग) है, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के मध्य गहरे संबंध को दर्शाती है। यह थीम योग के पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए वैश्विक एकता, शांति और करुणा का संदेश देती है।

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