बहरागोड़ा:– झारखंड के पूर्वी सिंहभूम ज़िले के बहरागोड़ा प्रखंड में शनिवार को आफ़त की बारिश ने तबाही मचा दी। क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे नदियों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। इस मूसलाधार बारिश के बीच एक दर्दनाक लेकिन चमत्कारिक घटना सामने आई। डुमरिया प्रखंड के मुखिया सुरेश हेम्ब्रम का 16 वर्षीय पुत्र शिवनाथ हेम्ब्रम बाढ़ की चपेट में आ गया। शंख नदी में नहाने गया शिवनाथ अचानक आए तेज़ बहाव में बहता चला गया और देखते ही देखते लगभग दो किलोमीटर दूर तक पानी के साथ बह गया। गांववालों की सांसें थम गईं, लेकिन भगवान की कृपा और शिवनाथ की सूझबूझ ने उसकी जान बचा ली। बहते हुए शिवनाथ ने नदी के बीच उगे एक करम के पेड़ को दोनों हाथों से पकड़ लिया और उसी पर लटककर घंटों तक अपनी जान बचाए रखा। परिजनों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर रस्सियों की मदद से साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और शिवनाथ को सुरक्षित बाहर निकाला। इस चमत्कारिक बचाव को देखकर गांववालों की आंखें भर आईं। मुखिया सुरेश हेम्ब्रम ने भावुक होकर कहा कि “यह सिर्फ़ ईश्वर की कृपा और लोगों की दुआओं का असर था कि मेरा बेटा बच गया।” वहीं, लगातार हो रही बारिश से बहरागोड़ा, घाटशिला और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों में नदियां उफान पर हैं और प्रशासन ने यलो अलर्ट जारी कर रखा है। सरायकेला-खरसावाँ ज़िले में तो सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियाँ भी रद्द कर दी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में फौरन राहत कार्य किया जा सके। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और सतर्कता बरतने की अपील की है।




