सोना देवी विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रीय शिक्षक दिवस

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घाटशिला :- सोना देवी विश्वविद्यालय में आज राष्ट्रीय शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया. विश्वविद्यालय के विवेकानन्द ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण से हुई. इस अवसर पर कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने कहा कि हम प्रख्यात शिक्षाविद् सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर जो कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं, इसका मकसद यह है कि आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस के जमाने में लोग अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं. ऐसे लोगों की पहचान शिक्षक ही कर सकते हैं. श्री प्रभाकर सिंह ने महर्षि वाल्मीकि से लेकर गुरू द्रोणाचार्य तक की चर्चा करते हुए कहा कि गुरू आदिकाल से ही पूजनीय रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय की गरिमा यहां के प्राध्यापकों से ही है. कोई भी विद्यालय, महाविद्यालय या विश्वविद्यालय गुरूओं का सम्मान किए बिना आगे नहीं बढ सकता. देश के भावी पीढियों को संभालने की जिम्मेवारी शिक्षकों की ही है. उन्होंने कहा कि सोना देवी एजुकेशनल फाउंडेशन ट्रस्ट विगत तीस वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है. श्री सिंह ने कहा कि जहां चुनौती है वहीं अवसर भी है. शिक्षकों का लक्ष्य विद्यार्थियों का नैतिक विकास करना होना चाहिए. शिक्षकों को शिक्षा प्रदान करने के साथ विभिन्न गतिविधियों में भी सहभागिता निभानी है.

सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ जेपी मिश्रा ने सभी प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का उत्साह बढाते हुए कहा कि आगे बढना है तो अच्छे लोगों का अनुसरण करना होगा. आज के परिवर्तनशील समाज में समय के साथ शिक्षकों को भी बदलना होगा. शिक्षक को शिक्षक बनना होगा तभी लोग सम्मान देंगे. शिक्षक परिस्थिति के अनुसार स्वयं को तैयार करें और विद्यार्थी भी परिश्रम करें. अपनी सोच को विकसित करें और अच्छा काम करें, तभी अपना और देश का विकास कर सकेंगे. कुलपति डॉ जेपी मिश्रा ने कहा कि सभी लोग महान पुरूषों के जीवन दर्शन से सबक लेकर कार्य करें, एक दिन सफलता अवश्य मिलेगी.

राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो डॉ गुलाब सिंह आजाद के संबोधन से हुई. उन्होंने इस अवसर पर कहा कि डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान दार्शनिक, शिक्षक, विचार और चिंतक के रूप में जाने जाते हैं. यह दिन हमें प्रेरणा देता है कि एक शिक्षक के रूप में हम विद्यार्थियों की कमियों को दूर करने में, उन्हें अच्छा इंसान बनाने में मदद करें. उन्होंने डॉ राधाकृष्णन के जीवनवृत से विद्यार्थियों को अवगत कराया. अपने वक्तव्य में श्री आजाद ने कहा कि शिक्षक दिवस मनाने की सार्थकता तभी है जब इन महापुरूषों के जीवन दर्शन और इनकी शिक्षा को हम आत्मसात करें. कुलसचिव महोदय ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी पढाई पर ध्यान दें. उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा का उपयोग समाज कल्याण के लिए करें. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने हमेंशा छात्र छात्राओं में रचनात्मकता को बढाने, स्वतंत्र चिंतन विकसित करने की शिक्षा दी. श्री आजाद ने विद्यार्थियों के चौदह लक्षण भी बताये.

आज ही के दिन सोना देवी विश्वविद्यालय में आयोजित फ्रेशर्स वीक ‘आगाज’ 3 का समापन भी सफलतापूर्वक हो गया. इस अवसर पर फ्रेशर्स वीक के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत कर प्रमाण पत्र प्रदान किया गया और खेल दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिता और योग प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया.

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