बेंगलुरु:- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके प्रमोटर एस वासुदेवन की 423.38 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा ग्राहकों के साथ की गई धोखाधड़ी के कई मामलों की जांच के बाद की गई है। जांच में सामने आया कि कंपनी ने ग्राहकों को समय पर फ्लैट नहीं दिए, निर्माण कार्य में देरी की और अग्रिम भुगतान लेने के बाद न तो फ्लैट दिए और न ही राशि लौटाई। साथ ही कंपनी ने यह वादा किया था कि परियोजना पूरी होने तक ग्राहकों की ईएमआई कंपनी खुद देगी, लेकिन उसे भी पूरा नहीं किया गया।


ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कंपनी और प्रमोटर एस वासुदेवन ने मिलकर कुल 927.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। यह रकम विभिन्न समूह कंपनियों और संबद्ध व्यक्तियों के माध्यम से बेईमानी से रोकी गई थी। इस कार्रवाई के तहत ईडी ने ओजोन अर्बाना की कई परियोजनाओं में बिना बिके फ्लैट, व्यावसायिक भूमि और प्रमोटर व उनकी पत्नी की निजी संपत्तियां कुर्क की हैं। इनमें एवेन्यू प्रोजेक्ट के 92 फ्लैट, एक्वा-2 प्रोजेक्ट के 13 फ्लैट और मुदिगेरे के कन्नहल्ली गांव में 179 एकड़ भूमि शामिल है। इन सभी संपत्तियों का कुल मूल्य 423.38 करोड़ रुपये बताया गया है।
ईडी ने कहा कि यह कार्रवाई ग्राहकों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से की गई है ताकि निवेशकों की मेहनत की कमाई वापस दिलाई जा सके। इस मामले में पीएमएलए के तहत जांच जारी है, वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने भी एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि निवेशकों से जुटाई गई राशि को किन माध्यमों से अन्य संपत्तियों और खातों में ट्रांसफर किया गया।
इस कार्रवाई को रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ऐसे बिल्डरों पर सख्त संदेश जाएगा जो ग्राहकों के पैसे का दुरुपयोग करते हैं।


