मध्य प्रदेश में कफ सिरप कांड: बच्चों की मौत, डॉक्टर गिरफ्तार और कंपनी सील

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मध्य प्रदेश:- छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला अब और गंभीर हो गया है। पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने बच्चों को वही कफ सिरप लिखा था, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में मौत हो गई। इसके अलावा, सिरप बनाने वाली कटारिया फार्मा कंपनी, जबलपुर को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान औषधि विभाग और ओमती थाना की टीम मौजूद रही।

कटारिया फार्मा वही कंपनी है, जिसने छिंदवाड़ा के लिए संदिग्ध कफ सिरप की सप्लाई की थी। औषधि निरीक्षक ने बताया कि कोल्ड्रिफ सिरप के सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं। निरीक्षण के दौरान कंपनी के बाकी स्टॉक की खरीदी-बिक्री तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। इसके अलावा, जिन मेडिकल स्टोर्स को यह सिरप सप्लाई हुआ था, वहां भी इसकी बिक्री पूरी तरह बंद कर दी गई है।

जांच में खुलासा हुआ कि सैंपल की रिपोर्ट तमिलनाडु ड्रग टेस्टिंग लेबोरेट्री और शासकीय औषधीय प्रयोगशाला से प्राप्त हुई। दोनों रिपोर्ट में डाई-इथिलीन ग्लाइकोल नामक जहरीला रासायनिक पदार्थ क्रमशः 48.6 प्रतिशत और 46.8 प्रतिशत पाया गया। यह तत्व मानव शरीर, खासकर किडनी के लिए घातक है और इसी के कारण बच्चों की मौत हुई।

बीएमओ परसिया अंकित सहलाम ने बताया कि डाई-इथिलीन ग्लाइकोल एक प्रतिबंधित रासायनिक तत्व है और इसे किसी भी फार्मा उत्पाद में मिलाना गंभीर अपराध माना जाता है। इसलिए सिरप बनाने वाली कंपनी और चिकित्सक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल औषधि विभाग द्वारा लिए गए सैंपलों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद कंपनी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई तय की जाएगी।

यह घटना पूरे राज्य में चिकित्सकीय सुरक्षा और दवा नियंत्रण पर सवाल खड़े कर रही है और अधिकारियों ने चेताया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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