लोक आलोक न्यूज़ डेस्क :- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर चुनाव आयोग ने कई अहम बदलाव किए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि इस बार एक भी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। पहले जहां एक बूथ पर 1500 या उससे अधिक वोटर होते थे, अब अधिकतम सीमा 1200 तय की गई है। इससे लंबी कतारों और भीड़भाड़ की समस्या खत्म होगी। उन्होंने बताया कि बिहार में कुल 90 हजार बूथ रहेंगे। बिहार में 22 साल बाद विशेष गहन पुनरीक्षण से मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया गया है। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कई नई पहल की जा रही हैं जिन्हें भविष्य में देशभर में लागू किया जाएगा। बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। पहले चरण का नामांकन 17 अक्टूबर तक और दूसरे चरण का 20 अक्टूबर तक होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि विश्वास बहाली के उपाय के तौर पर CAPF को पहले से तैनात किया जाएगा और सभी अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम करना होगा। फर्जी खबरों और गलत सूचना पर फौरन कार्रवाई की जाएगी। ड्रग्स, शराब और नकदी के लेन-देन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। इस बार बिहार चुनाव में कुल 17 नई पहल की जा रही हैं। वोटर लिस्ट की त्रुटियों को दूर किया गया है। EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो और बड़े अक्षरों में नाम लिखे होंगे। मतदान केंद्र के 100 मीटर दूरी पर ही प्रत्याशियों के बूथ बन सकेंगे। मतदाता मतदान केंद्र के बाहर अपना मोबाइल जमा कर वोट डालने के बाद वापस ले सकेंगे। बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप और व्हीलचेयर की सुविधा होगी। सभी बूथों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। 11 सीटों पर घोड़ों और 197 सीटों पर नाव से पेट्रोलिंग की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि जिन मतदाताओं का पता बदला गया है, उन्हें नया वोटर कार्ड जारी किया जाएगा। वोटिंग से 10 दिन पहले तक नाम जुड़वाए जा सकते हैं। 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। बिहार में कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 3.92 करोड़ महिला और 3.5 करोड़ पुरुष मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 14 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि बिहार चुनाव इस बार सुगम, पारदर्शी और निष्पक्ष होंगे। फेक न्यूज के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा और किसी भी तरह की हिंसा पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयोग ने कहा कि बिहार का यह चुनाव मॉडल पूरे देश में आदर्श उदाहरण साबित होगा।




