Saraikela : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 29 दिसंबर को झारखंड दौरे के क्रम में रांची से जमशेदपुर पहुंचेंगी. सुबह वे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद सेना के तीन हेलीकॉप्टरों से जमशेदपुर के सोनारी हवाई अड्डा के लिए रवाना होंगी, जहां लगभग 10:20 बजे उनका आगमन होगा. सोनारी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. इसके बाद राष्ट्रपति सड़क मार्ग से करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान पहुंचेंगी. यहां वे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में पूजा-अर्चना करेंगी और ओलचिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगी. कार्यक्रम के दौरान देश-विदेश से आए विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित भी किया जाएगा. आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रपति इस अवसर पर संताली भाषा में भी अपने विचार रख सकती हैं. करनडीह में ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह को लेकर कार्यक्रम स्थल और आसपास के पूजा स्थलों में विशेष सजावट और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है. करनडीह कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित एनआईटी परिसर पहुंचेंगी, जहां आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी. राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला जमशेदपुर दौरा होगा, जिसे लेकर शहर में खासा उत्साह है. इधर, राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. शुक्रवार से ही स्पेशल फोर्स ने करनडीह स्थित जाहेरथान और एनआईटी परिसर की सुरक्षा की कमान संभाल ली है. सुरक्षा एजेंसियों की अनुमति के बिना इन दोनों स्थलों पर न तो कोई कार्य होगा और न ही किसी को प्रवेश की इजाजत दी जाएगी. स्पेशल फोर्स के जवान चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखेंगे. प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं, जबकि जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.


इस आयोजन में शामिल होने के लिए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक दिन पूर्व ही जमशेदपुर पहुंच जाएंगे. समारोह में देश-विदेश से करीब 100 विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है. राष्ट्रपति के इस ऐतिहासिक दौरे को लेकर पूरे कोल्हान क्षेत्र में तैयारियां अंतिम चरण में हैं.

