अपहृत बच्चों की खोज में लगाये गए 4 आईपीएस, 6 डीएसपी और 12 थाना प्रभारियों की विशेष टीम

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Saraikela : रांची के मौसी बाड़ी से अपहृत बच्चों की सुरक्षित बरामदगी को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच एसएसपी राकेश रंजन ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कैलाश यादव से बातचीत की है. एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 आईपीएस, 6 डीएसपी और 12 थाना प्रभारियों की विशेष टीम गठित की गई है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस मामले में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे. इस दौरान कैलाश यादव ने पुलिस पर प्रारंभिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि चार दिन पहले ही जांच में तेजी लाई जाती, तो अब तक बच्चों का सुराग मिल सकता था.

* धरना समाप्त, डीजीपी से मिले परिजन –

धरना समाप्त होने के बाद अपहृत बच्चों के पिता सुनील यादव और अन्य लोग धुर्वा स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा से मुलाकात की. करीब 25 मिनट तक चली बातचीत में डीजीपी ने कहा कि वह इस मामले को लेकर बेहद संवेदनशील हैं और स्वयं इसकी निगरानी कर रही हैं. बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष पुलिस टीमें दिन-रात काम कर रही हैं.

कैलाश यादव ने डीजीपी से कहा कि रांची की पूर्व सिटी एसपी होने के नाते वह यहां सक्रिय अपराध गिरोहों से भली-भांति परिचित हैं, इसलिए उनसे उम्मीदें और भी अधिक हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनाक्रोश को देखते हुए आंदोलन की आगे की रणनीति जारी रहेगी. बताया गया कि यह धरना और डीजीपी से मुलाकात आंदोलन की एक कड़ी है. आगामी चरण में जनसमूह का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेगा.

* 2 जनवरी से लापता हैं अंश और अंशिका- 

गौरतलब है कि अंश और अंशिका 2 जनवरी को घर से चूड़ा लेने निकले थे, जिसके बाद से वे लापता हैं. अब तक पुलिस को न तो कोई ठोस सुराग मिला है और न ही सीसीटीवी फुटेज से कोई स्पष्ट जानकारी हासिल हो पाई है.

धरना कार्यक्रम में मधु मंसूरी, सुनील यादव, गौरीशंकर यादव, मिंटू पासवान, नंदन यादव, बबन यादव, रंजन यादव, उत्तम यादव, परमेश्वर सिंह, उमेश यादव, रामकुमार यादव, सागर कुमार, सतीश महतो, राहुल यादव, बनारस यादव, चंदा देवी, रामजी यादव, शंकर राय, मनीष राय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. 

* मां की हालत गंभीर, मोहल्ले में मातम- 

दोनों बच्चों के लापता होने के बाद उनकी मां की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. परिजनों के अनुसार वह लगातार रो-रोकर बच्चों की वापसी की गुहार लगा रही हैं और सदमे के कारण बार-बार बेहोश हो जा रही हैं, जिससे पूरे मोहल्ले में चिंता का माहौल है. घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी राकेश रंजन स्वयं मोहल्ले पहुंचे और लोगों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को हर संभावित पहलू पर गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया.

* अपहरण की आशंका, कई बिंदुओं पर जांच- 

पुलिस का मानना है कि बच्चों का अपहरण किसी वाहन के माध्यम से किया गया हो सकता है, इसी कारण वे आसपास के सीसीटीवी कैमरों में नजर नहीं आए. यह भी जांच की जा रही है कि परिवार का किसी से कोई विवाद तो नहीं था. मामले में कई संदिग्धों और पूर्व में दागी लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस को यह आशंका भी है कि कहीं बच्चों को बेच तो नहीं दिया गया. साथ ही बच्चों के परिचितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. आशंका जताई जा रही है कि यदि कोई परिचित उन्हें ले गया हो, तो इसी कारण बच्चों ने विरोध नहीं किया होगा.

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