अमिटी विश्वविद्यालय झारखंड (AUJ) ने अपने दृष्टि एवं मिशन के अनुरूप तथा माननीय संस्थापक अध्यक्ष एवं माननीय कुलाधिपति के आशीर्वाद से 26 जनवरी 2026 को भारत का 77वां गणतंत्र दिवस देशभक्ति के उत्साह और उल्लास के साथ मनाया।


कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ ध्वजारोहण समारोह से हुआ, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज को गर्व के साथ फहराया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया, जिससे उपस्थित सभी लोगों में एकता और देशप्रेम की भावना का संचार हुआ।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत अमिटी विश्वविद्यालय झारखंड की सांस्कृतिक टीम के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत एक ऊर्जावान देशभक्ति नृत्य से हुई। इसके बाद नवरस सृजन टीम के थिएटर क्लब के सदस्यों ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर आधारित एक प्रभावशाली नाटक का मंचन किया। अमिटी विश्वविद्यालय झारखंड अपने विद्यार्थियों में देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण के मूल्यों को विकसित करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, ताकि वे न केवल शिक्षित नागरिक बनें बल्कि भारत के जिम्मेदार नागरिक भी बन सकें।
इस अवसर पर अमिटी विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति डॉ. अशोक के. श्रीवास्तव ने अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए INDIA और REPUBLIC शब्दों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा,
“INDIA का अर्थ है—Integrity (अखंडता), Nationalism (राष्ट्रवाद), Discipline (अनुशासन), Innovation (नवाचार) और Aspiration (आकांक्षा)। REPUBLIC का अर्थ है—Respect (सम्मान), Equality (समानता), Patriotism (देशभक्ति), Unity (एकता), Bravery (साहस), Liberty (स्वतंत्रता), Integrity (अखंडता) और Constitution (संविधान)।”
कार्यक्रम के दौरान SWAYAM–NPTEL ऑनलाइन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में एलीट गोल्ड एवं एलीट सिल्वर (टॉपर डिस्टिंक्शन) प्राप्त करने वाले 19 विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित किया गया।
डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने प्लेसमेंट उपलब्धियों एवं प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बढ़ते प्लेसमेंट अवसरों और विद्यार्थियों की सहभागिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 27 जनवरी से प्लेसमेंट वीक ड्राइव की शुरुआत की जा रही है, जिसमें 13 से 15 राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियां (MNCs) विश्वविद्यालय परिसर में आ रही हैं।
कार्यक्रम के समापन से पूर्व अमिटी विश्वविद्यालय झारखंड के माननीय कुलाधिपति डॉ. अतुल चौहान तथा अमिटी एजुकेशन ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री यू. रामचंद्रन के संदेशों का वाचन किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

