नई दिल्ली | देश की आर्थिक और संसदीय परंपराओं में आज एक ऐतिहासिक दिन दर्ज होने जा रहा है। हर बार की तरह इस बार भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ही संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी, लेकिन इस बार बजट कई मायनों में खास और रिकॉर्ड बनाने वाला है। केंद्रीय बजट 2026-27 आज इतिहास में पहली बार रविवार के दिन पेश किया जाएगा, और इसके साथ ही निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश कर नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी।


वर्ष 2019 से अब तक हर वित्तीय वर्ष में बजट पेश करने वाली निर्मला सीतारमण भारतीय संसदीय इतिहास की ऐसी वित्त मंत्री बन गई हैं, जिन्होंने हर बार देश के सामने सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं और भविष्य की रणनीति रखी है। आज सुबह 11 बजे लोकसभा में उनका बजट भाषण न केवल आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि संसदीय इतिहास में एक अनोखे अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
अब तक केंद्रीय बजट हमेशा कार्यदिवसों में पेश होता रहा है, लेकिन इस बार 1 फरवरी रविवार होने के बावजूद संसद में बजट प्रस्तुति का निर्णय लिया गया है। यह पहली बार है जब देश का आम बजट रविवार को पेश किया जा रहा है, जिससे यह दिन अपने आप में ऐतिहासिक बन गया है।
हर बार की तरह इस बजट से भी आम जनता, किसान, युवा, नौकरीपेशा वर्ग, उद्योग और निवेशकों को बड़ी उम्मीदें हैं। आयकर में संभावित राहत, महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और सामाजिक क्षेत्रों में खर्च बढ़ाने जैसे मुद्दे इस बार भी बजट के केंद्र में रहने की संभावना है।
लगातार नौ बजट पेश करने के साथ निर्मला सीतारमण पहले ही सबसे अधिक बार बजट पेश करने वाली महिला वित्त मंत्री बन चुकी हैं और अब रविवार को बजट पेश कर वह भारतीय लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था के इतिहास में एक और अहम अध्याय जोड़ने जा रही हैं। केंद्रीय बजट 2026-27 को देश की विकास यात्रा की नई दिशा तय करने वाला दस्तावेज माना जा रहा है, जिस पर आज पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

