आदित्यपुर :- इंडस्ट्रियल स्टेबिलिटी एंड रिफॉर्म्स ऑर्गनाइजेशन (इसरो) के अध्यक्ष रुपेश कतरियार ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत आम बजट मे जिस तरह आम लोगों के लिए सौगात का पिटारा था, उसकी तुलना मे वर्ष 26-27 के बजट के मुख्य प्रावधानो मे उत्साह कम और भरोसा ज्यादा दिख रहा है. लघु उद्योगों के उत्थान और समुचित विकास की कोई भी नई नीति, स्पस्ट घोषणा या योजना बजट के प्रावधानो मे दिख नहीं रहा है, जिसका सभी लघु उद्धमियों को लम्बे समय से इंतजार है. लघु उद्योगों के सम्पूर्ण एवं स्थाई विकास के लिए वित्तीय सुविधा और इसके नियमावली मे आधारभुत बदलाव से हीं देश मे लघु उद्योग क्रांति को जन्म दिया जा सकता है और भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन सकता है.



