दुमका : Dumka जिले के गोपीकांदर प्रखंड अंतर्गत नामोडीह गांव के पहाड़िया टोला में रहने वाले आदिम जनजाति के करीब 22 परिवार पिछले छह महीनों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।


स्थानीय लोगों के अनुसार, टोला में उपलब्ध जल स्रोतों की स्थिति बेहद खराब है। यहां लगे दो सोलर टंकी और दो चापाकलों में से एक सोलर टंकी तथा दोनों चापाकल लंबे समय से खराब पड़े हैं। इन जलस्रोतों के निष्क्रिय रहने के कारण ग्रामीणों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा पूर्व में इन जलस्रोतों को चालू करने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। इसके बाद से समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पेयजल संकट के चलते दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द खराब पड़े जलस्रोतों की मरम्मत कर पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

