Hazaribagh जिले में अवैध कोयला खनन एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गया है, जहां बड़कागांव क्षेत्र स्थित एक कोयला परियोजना के पास अवैध खनन के दौरान मिट्टी धंसने से दो लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से संगठित तरीके से कोयले की चोरी और अवैध परिवहन का कारोबार चल रहा है, जिसमें रात के समय ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के जरिए कोयला बाहर भेजा जाता है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़े स्तर पर अवैध गतिविधियां बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं हैं। गौरतलब है कि हजारीबाग और आसपास के इलाकों में पहले भी अवैध कोयला तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां पुलिस और जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए कोयला जब्त किया, लेकिन इसके बावजूद इस अवैध नेटवर्क पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि यह लोगों की जान के लिए भी खतरा बनता जा रहा है, और जब तक इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क की पहचान कर सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराती रहेंगी। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस मामले में तत्काल FIR दर्ज की जाए, उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान सार्वजनिक की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



