बिहार में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सुरक्षा में कटौती के विवाद के बीच लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि उनके परिवार के किसी सदस्य को नुकसान पहुंचता है तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं।


रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सुरक्षा कवच घटाने के बाद सुरक्षा बनाए रखने का दावा करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित प्रतीत होता है। रोहिणी ने कहा कि लालू यादव और राबड़ी देवी जैसे वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा से जुड़े फैसले अत्यंत संवेदनशील होते हैं और इन्हें राजनीति से अलग रखकर देखा जाना चाहिए।
उन्होंने सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सुरक्षा घटाने का फैसला उनके परिवार को असुरक्षित करने की कोशिश जैसा है। रोहिणी ने यह भी कहा कि यदि लालू यादव, राबड़ी देवी या परिवार के किसी अन्य सदस्य को नुकसान होता है तो बिहार की जनता इसका जवाब देना जानती है।
इस बीच, रोहिणी आचार्य ने लालू यादव के समर्थकों और कार्यकर्ताओं से राबड़ी देवी के आवास पर बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि लालू परिवार की सबसे बड़ी सुरक्षा जनता है और समर्थकों को एकजुट होकर अपना समर्थन दिखाना चाहिए।
सुरक्षा विवाद के बीच लालू यादव और राबड़ी देवी ने अपनी जेड-प्लस सुरक्षा लौटा दी है। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी वाई-प्लस सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया और आवास पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया। इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और सरकार व विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

