कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ की गई। सीआईडी अधिकारियों ने उनसे और विधायक कुणाल घोष से अलग-अलग सवाल किए, जिसके बाद दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई। जांच के दौरान 19 मई की बैठक, प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले विधायकों और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर कई सवाल पूछे गए।


सीआईडी सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी से करीब साढ़े आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ चली, जबकि कुणाल घोष से भी कई घंटों तक सवाल-जवाब किए गए। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि नेता प्रतिपक्ष पद के लिए सौंपे गए दस्तावेजों में हस्ताक्षरों को लेकर जो विसंगतियां सामने आई हैं, उनके पीछे क्या कारण था। अधिकारियों ने बताया कि पहले दौर की पूछताछ में मिले जवाबों से जांचकर्ता पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे, इसलिए दोबारा पूछताछ की गई।
पूछताछ के बाद अभिषेक बनर्जी सीजीओ कॉम्प्लेक्स से बाहर निकले और कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। इस मामले की जांच पहले से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जारी है और सीआईडी कई विधायकों से भी पूछताछ कर चुकी है। मामले को लेकर राज्य की राजनीति में चर्चा तेज है और आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

