हजारीबाग: झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एक बार फिर भूमि विवाद को लेकर चर्चा में हैं। उन पर हजारीबाग सदर अंचल क्षेत्र के माझू कैंटोनमेंट स्थित खासमहल की सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगा है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।


जानकारी के अनुसार, सरकारी भूमि पर करीब 50 डिसमिल जमीन के अतिक्रमण की सूचना मिलने के बाद 15 जून को हजारीबाग सदर अंचल अधिकारी अशुतोष कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, मौके पर पहुंचने के बाद भी स्थिति का तत्काल समाधान नहीं हो सका।
बताया जा रहा है कि इस जमीन को लेकर विवाद पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2023 में भी इसी भूमि पर कब्जे की कोशिश का आरोप लगा था। उस समय प्रशासन ने अवैध घेराबंदी हटाने की कार्रवाई की थी और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हो सका था और बाद में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, विवादित भूमि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में भी रही है। योगेंद्र साव और उनके परिवार से जुड़े कई मामलों की विभिन्न एजेंसियां पहले से जांच कर रही हैं। फिलहाल प्रशासन भूमि से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

