नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) में चल रहे कथित अंदरूनी मतभेद और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता और पार्टी के सह-संस्थापक रहे प्रशांत भूषण ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राघव चड्ढा से जुड़े विवाद और पार्टी के भीतर उठ रहे सवालों पर टिप्पणी करते हुए संगठन की कार्यप्रणाली पर चर्चा छेड़ दी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब AAP के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर बहस तेज है।


प्रशांत भूषण पहले भी पार्टी नेतृत्व और निर्णय लेने की शैली को लेकर अपनी आपत्तियां जता चुके हैं। उन्होंने संगठन में पारदर्शिता और आंतरिक लोकतंत्र को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी में पहले भी योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण जैसे संस्थापक सदस्यों के बाहर जाने के बाद आंतरिक विवाद सामने आ चुके हैं, जिससे संगठन में मतभेद की चर्चाएं लगातार बनी रही हैं।
हाल के घटनाक्रमों में राघव चड्ढा को लेकर उठे विवाद और कुछ सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरों ने AAP की राजनीति को और अधिक चर्चा में ला दिया है। इसी पृष्ठभूमि में प्रशांत भूषण का बयान पार्टी के भीतर चल रही उथल-पुथल और राजनीतिक पुनर्संरचना की बहस को और तेज कर रहा है।

