चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में सेल (SAIL) संचालित लौह अयस्क खदानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने को लेकर प्रबंधन और संयुक्त मजदूर यूनियनों के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को गुवा स्थित एचआरडी कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। बातचीत विफल होने के बाद संयुक्त यूनियनों के प्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।


बैठक में सेल प्रबंधन की ओर से सीजीएम चंद्रभूषण कुमार, महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह और अर्णव डे मौजूद रहे। वहीं प्रशासन की ओर से किरीबुरू के एसडीपीओ विनीत कुमार किंडो और गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। एसडीपीओ ने दोनों पक्षों से न्यायालयीय प्रक्रिया का सम्मान करते हुए बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
संयुक्त यूनियनों ने कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का मामला वर्तमान में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के समक्ष विचाराधीन है। उनका तर्क है कि अंतिम निर्णय आने तक वर्षों से चली आ रही पारंपरिक उपस्थिति व्यवस्था को जारी रखा जाना चाहिए। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने उनकी सहमति के बिना पुरानी पंचिंग कार्ड प्रणाली समाप्त करने का प्रयास किया है।
सोमवार की पहली पाली से किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया खदानों में हजारों श्रमिकों ने बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज कराने से इनकार कर दिया, जिससे उत्पादन, लौह अयस्क की लोडिंग और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि बायोमेट्रिक प्रणाली को जबरन लागू किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल प्रबंधन और यूनियन दोनों अपने-अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में अब इस विवाद के समाधान के लिए मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) और न्यायालय की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

