चांडिल: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और लोगों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से चांडिल प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत चयनित 9 लाभुकों के बीच बकरी पालन योजना की इकाइयों का वितरण किया गया। इस दौरान लाभुकों को योजना का बेहतर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।


सूचना भवन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाभुकों को उपलब्ध कराई गई परिसंपत्तियों का सही उपयोग करने और वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन अपनाने की सलाह दी गई। साथ ही पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पशुओं के नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और उचित प्रबंधन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन उपायों को अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है तथा उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि की जा सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों, किसानों और पशुपालकों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसके माध्यम से ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अलावा पशुपालन विभाग के क्षेत्रीय कर्मियों को लाभुकों की नियमित निगरानी करने तथा उन्हें आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योजना का लाभ प्रभावी रूप से लाभार्थियों तक पहुंच सके और वे पशुपालन के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकें।

