नई दिल्ली :शिवसेना (यूबीटी) में एक बार फिर अंदरूनी टूट की अटकलों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। चर्चा है कि पार्टी के कई सांसद अलग रुख अपना सकते हैं और उन्हें लेकर शिंदे गुट की सक्रियता बढ़ गई है। इन घटनाक्रमों के बीच विपक्षी खेमे में भी चिंता बढ़ी हुई है।


रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ सांसदों के दिल्ली पहुंचने और संभावित अलग समूह बनाए जाने की चर्चाओं ने सियासी हलचल तेज कर दी है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व लगातार पार्टी में किसी तरह की टूट की खबरों को खारिज कर रहा है और सांसदों की एकजुटता का दावा कर रहा है।
यह पूरा घटनाक्रम 2022 में हुई शिवसेना की बड़ी टूट के बाद सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं में माना जा रहा है। यदि बड़ी संख्या में सांसद पाला बदलते हैं तो इसका असर न केवल उद्धव ठाकरे गुट पर, बल्कि विपक्षी गठबंधन की राजनीति पर भी पड़ सकता है।

