रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 1,000 से अधिक नवनियुक्त सहायक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाने के बाद झारखंड की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय केवल फोटो सेशन और प्रचार की राजनीति कर रही है।


प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य में करीब 50 हजार शिक्षक पद लंबे समय से रिक्त हैं। ऐसे में लगभग 1,000 शिक्षकों की नियुक्ति का जश्न मनाना केवल दो प्रतिशत रिक्तियों को भरने का उत्सव है। उन्होंने सवाल किया कि जब 98 प्रतिशत पद अब भी खाली हैं, तो सरकार यह बताए कि शेष पदों पर नियुक्ति कब होगी और लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कब मिलेगी।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि झारखंड के हजारों सरकारी विद्यालय आज भी प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। नियमित प्राचार्यों के हजारों पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं, जिससे विद्यालयों के प्रशासनिक कार्य और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे काम चला रही है।
प्रतुल शाहदेव ने यह भी कहा कि राज्य में पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी है। इसके बावजूद उपलब्ध शिक्षकों को चुनाव और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाया जाता है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
उन्होंने दावा किया कि देश के सरकारी विद्यालयों में औसतन 24 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक है, जबकि झारखंड में 36 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 34 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि झारखंड के बच्चों को प्रचार नहीं, बल्कि पर्याप्त शिक्षक, नियमित प्राचार्य और मजबूत शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है। भाजपा ने सरकार से सभी रिक्त शिक्षक एवं प्राचार्य पदों पर जल्द नियुक्ति करने की मांग की है।

