एमजीएम अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने पर मरीजों का हंगामा, जांच क्षमता बढ़ाने की मांग

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जमशेदपुर: आम लोगों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गुरुवार को अल्ट्रासाउंड जांच नहीं होने पर मरीजों और उनके परिजनों ने नाराजगी जताई। आरोप है कि सुबह से कतार में खड़े कई मरीजों को घंटों इंतजार कराने के बाद यह कहकर वापस लौटा दिया गया कि दिनभर के लिए निर्धारित जांच की संख्या पूरी हो चुकी है। सूचना मिलने पर अस्पताल के सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।

मरीजों के परिजनों के अनुसार वे सुबह ही अस्पताल पहुंच गए थे। आमबागान निवासी सरफराज अहमद ने बताया कि उन्होंने निर्धारित शुल्क जमा करने के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे। इसके बाद उन्हें इंतजार करने के लिए कहा गया, लेकिन करीब साढ़े 11 बजे अस्पताल कर्मियों ने यह कहते हुए लौटा दिया कि दिन का अल्ट्रासाउंड कोटा पूरा हो चुका है और अब जांच अगले दिन ही होगी।

जानकारी के अनुसार एमजीएम अस्पताल में प्रतिदिन ओपीडी के केवल 30 मरीजों तथा भर्ती वार्ड के अधिकतम 20 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड किया जाता है। निर्धारित संख्या पूरी होने के बाद उसी दिन की जांच प्रक्रिया बंद कर दी जाती है। इसी कारण कई मरीजों को बिना जांच कराए लौटना पड़ता है, जिससे अक्सर असंतोष की स्थिति उत्पन्न होती है।

परिजनों का कहना है कि इस व्यवस्था का सबसे अधिक नुकसान आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उठाना पड़ता है, जबकि सक्षम लोग अधिक शुल्क देकर पीपीपी मोड पर संचालित निजी जांच केंद्र में तुरंत अल्ट्रासाउंड करा लेते हैं।

मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से अल्ट्रासाउंड जांच की क्षमता बढ़ाने, पर्याप्त डॉक्टरों और तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति करने तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।