रांची: हजारीबाग भूमि घोटाला मामले में एक वर्ष से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में रहे निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें नियमित जमानत प्रदान कर दी है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत की सभी शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा। यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है, तो अभियोजन पक्ष जमानत रद्द कराने के लिए सक्षम अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।


न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने सुनवाई के बाद छह पृष्ठों का विस्तृत आदेश जारी किया। अदालत ने निर्देश दिया कि विनय चौबे को ट्रायल कोर्ट (ACB कोर्ट) द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा। साथ ही, ट्रायल कोर्ट से विशेष छूट मिलने तक उन्हें प्रत्येक सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। साथ ही, इसी मामले में एक सह-आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। समानता के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए विनय चौबे को भी नियमित जमानत दी गई। फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय आना बाकी है।

