झारखंड मिनरल बिल पर सियासत तेज, कांग्रेस ने BJP सांसदों से मांगा स्पष्ट रुख

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रांची: झारखंड के खनिज संसाधनों से जुड़े प्रस्तावित बिल को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार और भाजपा सांसदों से इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि झारखंड की खनिज संपदा से जुड़े किसी भी फैसले में राज्य के हित और जनता के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड से चुने गए भाजपा सांसदों को बताना चाहिए कि वे प्रस्तावित बिल को राज्य के हित में मानते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि सांसदों को बिल के प्रावधान झारखंड के हित में नहीं लगते हैं तो उन्हें संसद में इसका खुलकर विरोध करना चाहिए और केंद्र सरकार पर इसे वापस लेने का दबाव बनाना चाहिए।

राकेश सिन्हा ने भाजपा सांसदों पर चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब झारखंड के हित से जुड़े मुद्दे दिल्ली में उठाने की बात आती है तो उनकी आवाज कमजोर पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य के अधिकार और जनता के हित से जुड़ा विषय है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि भाजपा सांसद प्रस्तावित बिल से सहमत नहीं हैं तो उन्हें संसद के साथ-साथ सार्वजनिक मंचों पर भी अपना विरोध स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर सांसदों की चुप्पी रही तो जनता उनके रुख पर सवाल उठाएगी।

राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों और राज्य के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। जरूरत पड़ने पर पार्टी आगे आंदोलन और विरोध का रास्ता भी अपनाएगी।