हजारीबाग: जांच रिपोर्ट लंबित होने के बीच विनोबा भावे विश्वविद्यालय ने लक्ष्मी सिंह की सेवा बहाल की

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हजारीबाग: यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज की सहायक प्रोफेसर लक्ष्मी सिंह की शैक्षणिक योग्यता को लेकर चल रहा विवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है। हालांकि, जांच समिति की रिपोर्ट लंबे समय से लंबित होने के कारण विनोबा भावे विश्वविद्यालय ने उनकी सेवा बहाल करने का आदेश जारी किया है।

इससे पहले विश्वविद्यालय ने लक्ष्मी सिंह के अनुबंध की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने विरोध शुरू किया। मामले को देखते हुए विश्वविद्यालय ने विशेष समीक्षा समिति गठित की। इसमें मिथिलेश कुमार सिंह, सादिक रजा और जगेंद्र सिंह शामिल थे।

विशेष समीक्षा समिति ने वर्ष 2022 में गठित जांच समिति की रिपोर्ट आने तक लक्ष्मी सिंह की सेवा जारी रखने की अनुशंसा की। इसके आधार पर विश्वविद्यालय ने उनकी सेवा 2 मार्च 2026 से 31 जनवरी 2027 तक बहाल करने का आदेश जारी किया है। हालांकि, यह बहाली जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई के अधीन रहेगी।

2022 में गठित हुई थी जांच समिति

लक्ष्मी सिंह की शैक्षणिक योग्यता को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया में शिकायत की गई थी। इसके बाद काउंसिल ने विश्वविद्यालय को जांच के लिए पत्र भेजा था। विश्वविद्यालय ने 25 जून 2022 को जांच समिति गठित की थी, लेकिन करीब चार वर्ष बीतने के बावजूद समिति की रिपोर्ट अब तक विश्वविद्यालय को नहीं मिली है।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट में यदि उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर गंभीर आपत्ति सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल रिपोर्ट लंबित होने के कारण सेवा बहाल की गई है।