रांची: RIMS में डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारी, साल के अंत तक सभी जरूरी शिक्षण पद भरने का लक्ष्य

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रांची: RIMS में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग ने इस साल के अंत तक RIMS के सभी आवश्यक शिक्षण पदों को भरने का लक्ष्य तय किया है। इनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं।

इसी सिलसिले में बुधवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में RIMS चयन समिति की बैठक हुई। बैठक में RIMS में डॉक्टरों और कर्मचारियों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही खाली पदों और भविष्य में आवश्यक मानव संसाधन को लेकर भी चर्चा हुई।

स्वीकृत पदों और कार्यरत कर्मचारियों का होगा आकलन

अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को RIMS में स्वीकृत पदों और वर्तमान में कार्यरत डॉक्टरों व कर्मचारियों का समग्र आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभागों की आवश्यकता के अनुसार पदों की संख्या तय करने और मानव संसाधन व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करने को कहा।

बैठक में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ-साथ ANM, GNM और अन्य कर्मचारियों के पदों की भी समीक्षा की गई। कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नियम तैयार करने का निर्देश दिया गया।

शिक्षण पदों पर नियुक्ति में देरी नहीं

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षण पदों पर भर्ती और नियुक्ति की प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने साल खत्म होने से पहले RIMS के सभी जरूरी शिक्षण पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

RIMS में HMIS का 100% इस्तेमाल

बैठक में RIMS में HMIS (Health Management Information System) के पूर्ण क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया। सभी विभागों को HMIS का 100 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभागों में HMIS को पूरी तरह लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके जरिए RIMS की स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा के कामकाज को अधिक डिजिटल और व्यवस्थित बनाने की तैयारी है।

बैठक में अपर सचिव शशि प्रकाश, RIMS निदेशक डॉ. डीके सिंह, सहायक निदेशक बाघमारे प्रसाद कृष्ण, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. पी. भट्टाचार्य और डॉ. हिरेंद्र बिरवा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।