जमशेदपुर: औद्योगिक सुरक्षा और मजदूरों के अधिकार को लेकर ATAC का सवाल, जांच व रिकॉर्ड में पारदर्शिता की मांग

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जमशेदपुर में औद्योगिक सुरक्षा और मजदूरों के अधिकारों को लेकर ATAC लीगल सेल ने चिंता जताई है। गुरुवार को बंगाल क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन ने ठेका मजदूरों के वेतन, रोजगार रिकॉर्ड, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की। इस दौरान 21 जून को टाटा स्टील कलर्स, जिसे ब्लूस्कोप के नाम से भी जाना जाता है, में हुए हादसे का मुद्दा भी उठाया गया।

लीगल सेल के सचिव गिरिश कुमार सिंह ने बताया कि 21 जून को हुए हादसे में एक ठेका मजदूर का हाथ कोहनी के नीचे से कट गया था। संगठन ने घायल मजदूर को उपचार के साथ वैधानिक मुआवजा, सामाजिक सुरक्षा और पुनर्वास का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की।

लीगल सेल के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार महतो ने कहा कि ठेका मजदूरों के वेतन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े रिकॉर्ड में पारदर्शिता जरूरी है। ATAC कोल्हान प्रमंडल के महासचिव अंबुज ठाकुर ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों और ठेका एजेंसियों के रिकॉर्ड की जांच के साथ सुरक्षा मानकों का नियमित ऑडिट कराने की मांग की।

संगठन ने हादसे की निष्पक्ष जांच, कानूनी रिपोर्टिंग, मशीनरी और सुरक्षा व्यवस्था की जांच के अलावा ठेकेदार के लाइसेंस, नियुक्ति, वेतन रिकॉर्ड, ESI-PF, मुआवजा और घायल मजदूर के पुनर्वास से जुड़े पहलुओं की भी जांच की मांग की।

ATAC ने कहा कि उचित समाधान नहीं होने पर श्रम विभाग और न्यायिक मंचों का रुख किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संरक्षक बीरेंद्र कुमार सिन्हा, उप महासचिव हीरा ठाकुर, उपाध्यक्ष धनंजय शुक्ला, लीगल सेल के उपाध्यक्ष शशि भूषण कुमार और सह-सचिव सूरज कुमार मौजूद रहे।