रांची: दारोगा से इंस्पेक्टर पद पर प्रमोशन से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई, लेकिन बहस पूरी नहीं हो सकी। अब मामले की सुनवाई मंगलवार को भी न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में जारी रहेगी। फिलहाल अदालत ने 9 सितंबर 2024 को जारी वरीयता सूची के आधार पर होने वाले प्रमोशन पर लगी रोक को बरकरार रखा है।


पुलिस विभाग की ओर से 9 सितंबर 2024 को दारोगाओं की वरीयता सूची जारी की गई थी। इस सूची को उत्तम तिवारी और अन्य ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन ने पक्ष रखा। वहीं सरकार और अन्य प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नवनीति प्रसाद सिंह के साथ अधिवक्ता श्रेष्ठा गौतम, इंद्रजीत सिन्हा, अर्पण मिश्रा, अमृतांश वात्स और कुमार हर्ष ने दलीलें पेश कीं।
मामला वर्ष 2017 में जारी दो अलग-अलग विज्ञापनों से जुड़ा है। विज्ञापन संख्या 5/2017 के तहत 2018 में उत्तम तिवारी समेत अन्य की सीधी नियुक्ति दारोगा पद पर हुई थी। वहीं विज्ञापन संख्या 9/2017 के तहत सिपाहियों के लिए सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की गई थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 9 सितंबर 2024 की वरीयता सूची में विभागीय परीक्षा के जरिए दारोगा बने पुलिसकर्मियों को सीधी नियुक्ति वालों से ऊपर रखा गया है। उनका दावा है कि सीधी नियुक्ति के कारण उन्हें वरीयता सूची में ऊपर स्थान मिलना चाहिए।
इस मामले में 12 मई 2026 को हाईकोर्ट ने उक्त वरीयता सूची के आधार पर प्रमोशन पर रोक लगाई थी। सरकार की ओर से रोक हटाने की मांग को लेकर इंटरवेंशन याचिका भी दाखिल की गई है, लेकिन फिलहाल रोक बरकरार है। मंगलवार को मामले में आगे की सुनवाई होगी।

