जमशेदपुर: MGM अस्पताल में चार साल से CT स्कैन मशीन की खरीद अटकी, 2022 से अब तक सात टेंडर

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जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में CT स्कैन मशीन की खरीद की प्रक्रिया पिछले चार वर्षों से पूरी नहीं हो सकी है। वर्ष 2022 से अब तक सात बार टेंडर निकाला जा चुका है, लेकिन हर बार केवल एक एजेंसी के आवेदन करने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा के अनुसार, नियम के तहत टेंडर प्रक्रिया में कम से कम तीन आवेदकों का होना जरूरी है। इसी वजह से पहले के टेंडर रद्द करने पड़े।

जानकारी के अनुसार पहला टेंडर 2022 में, दूसरा और तीसरा 2023 में, चौथा और पांचवां 2024 में तथा छठा और सातवां टेंडर 2026 में निकाला गया। इसके बावजूद अब तक अस्पताल में अपनी CT स्कैन मशीन उपलब्ध नहीं हो सकी है।

वर्तमान में CT स्कैन की जरूरत वाले मरीजों को अस्पताल परिसर में PPP मोड पर संचालित CT स्कैन सेंटर या निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। PPP सेंटर में जांच के लिए कम से कम 3,000 रुपये, जबकि निजी जांच केंद्रों में करीब 5,000 रुपये तक खर्च होने की बात सामने आई है।

एमजीएम अस्पताल में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 1,200 से 1,500 मरीजों के आने की जानकारी दी गई है। ऐसे में CT स्कैन सुविधा नहीं होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। अस्पताल में अपनी CT स्कैन मशीन शुरू होने से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।