बिहार: गंडक नदी में बढ़ा पानी का दबाव, वाल्मीकिनगर बराज के सभी 36 गेट खोले गए

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बिहार: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर गंडक नदी पर साफ दिखाई दे रहा है। 27 सितंबर की सुबह 10 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 4.16 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार पानी का प्रवाह अभी बढ़ने की प्रवृत्ति में है और शाम तक इसके करीब 5 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना है। बढ़ते दबाव को देखते हुए बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं।

नेपाल के देवघाट गेजिंग स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर 8.98 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 9 मीटर है। यानी जलस्तर खतरे के निशान से महज 0.02 मीटर नीचे है। देवघाट से करीब 4.03 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की भी रिपोर्ट है।

स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गंडक बेसिन से जुड़े 13 जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण समेत अन्य जिले शामिल हैं। जिला प्रशासन को तटबंधों और स्लूइस गेटों की लगातार निगरानी, गश्त बढ़ाने और राहत-बचाव की तैयारी रखने को कहा गया है।

विभाग के अनुसार 25 सितंबर को वाल्मीकिनगर बराज से 1.02 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो 26 सितंबर की सुबह 11 बजे बढ़कर 2.86 लाख क्यूसेक और 27 सितंबर की सुबह 10 बजे 4.16 लाख क्यूसेक हो गया।

जल संसाधन विभाग के मुताबिक गंगा का जलस्तर फिलहाल कम होने के कारण गंडक का पानी गंगा में सुचारू रूप से निकल रहा है। ऐसे में व्यापक जलजमाव या बाढ़ की संभावना फिलहाल कम बताई गई है और स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही गई है। हालांकि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण आगे भी नदी के जलस्तर में बदलाव हो सकता है। नदी किनारे और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।