आदित्यपुर के दिन्डली बस्ती में चड़क पूजा का भव्य आयोजन, श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रस्मों के साथ की पूजा-अर्चना

Spread the love

आदित्यपुर के दिन्डली बस्ती में मंगलवार को चड़क पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। पूजा से पहले श्रद्धालुओं ने नदी से जल लेकर भगवान शिव के मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस कार्यक्रम में लगभग एक दर्जन भक्तों ने भाग लिया।

पूजा के दौरान भक्तों ने अपनी आस्था का अद्भुत प्रदर्शन किया। किसी ने जीभ के सहारे रस्सी खींचकर, तो किसी ने हाथ में सुई लगाकर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और संगीत की धुन पर पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालु नाचते-गाते नजर आए।

पूजा के दौरान राजनी बोड़ा की पारंपरिक रस्म भी निभाई गई, जिसमें कई भक्तों ने शरीर के विभिन्न हिस्सों में छेद कर अनुष्ठान किया। आश्चर्यजनक रूप से इस कठिन रस्म के दौरान भक्तों के चेहरे पर दर्द का कोई भाव नहीं दिखा। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान शिव की कृपा और अटूट आस्था से उन्हें यह शक्ति प्राप्त होती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों पहले दिन्डली क्षेत्र में भीषण गर्मी और महामारी के कारण कई लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई थी। इसके बाद गांव के प्राचीन शिव मंदिर में चड़क पूजा की शुरुआत की गई। माना जाता है कि इस पूजा के आयोजन से गांव में सुख-समृद्धि, हरियाली और अच्छी वर्षा हुई। वर्ष 1818 से लगातार आयोजित हो रही यह पूजा अब 200 वर्षों से अधिक पुरानी परंपरा बन चुकी है, जिसे आज भी पूरे श्रद्धा भाव से निभाया जाता है।