झारखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य के विभिन्न जेलों में बंद नक्सलियों की स्थिति, गतिविधियों और पुनर्वास से संबंधित जानकारी मांगे जाने के बाद हजारीबाग ओपन जेल प्रशासन ने विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। इस रिपोर्ट में जेल में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों और उनके पुनर्वास से जुड़ी जानकारी शामिल है।


जेल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, हजारीबाग ओपन जेल में वर्तमान में कुल 106 आत्मसमर्पित नक्सली रह रहे हैं। इनमें 6 सजायाफ्ता नक्सली बंदी भी शामिल हैं। शेष आत्मसमर्पित नक्सलियों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और पुनर्वास नीति के तहत ओपन जेल में रखा गया है।
रिपोर्ट में जेल के अंदर कैदियों की गतिविधियों, व्यवहार, पुनर्वास कार्यक्रमों में भागीदारी और सामाजिक पुनर्वास की स्थिति की भी जानकारी दी गई है। जेल प्रशासन ने सभी आवश्यक बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को उपलब्ध करा दी है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास कार्यक्रमों की प्रभावशीलता का आकलन करना चाहते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि योजनाएं कितनी सफल रही हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
अधिकारियों का मानना है कि आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार समय-समय पर इन योजनाओं की समीक्षा कर रही है, ताकि मुख्यधारा में लौटे लोगों को बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकें।

