AI मॉडल ‘क्लाउड मिथोस’ को लेकर बड़ा दावा, साइबर सुरक्षा में बना सकता है क्रांति

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नई दिल्ली : एंथ्रोपिक का उन्नत एआई मॉडल क्लाउड मिथोस साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मिथोस प्रीव्यू ने परीक्षण के दौरान सॉफ्टवेयर सिस्टम में मौजूद कमजोरियों की पहचान कर उन्हें जोड़कर संभावित नियंत्रण तक पहुंचने की क्षमता दिखाई है। इसी वजह से इसे सीमित रूप में केवल चुनिंदा संस्थाओं को उपलब्ध कराया गया है, जो महत्वपूर्ण डिजिटल संरचना से जुड़ी हुई हैं।

बताया गया है कि करीब 40 से अधिक संस्थानों को इस मॉडल तक नियंत्रित पहुंच दी गई है, ताकि वे अपने सिस्टम की सुरक्षा का आकलन कर सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक साइबर हमलों की पहचान और उन्हें रोकने में मददगार साबित हो सकती है, क्योंकि यह पहले से छिपी कमजोरियों को भी उजागर कर सकती है। इससे सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने और खतरों का तेजी से जवाब देने में सहायता मिलेगी।

हालांकि, इसी तकनीक को लेकर चिंता भी जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यदि ऐसी शक्तिशाली एआई क्षमताएं गलत हाथों में चली जाएं, तो यह डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा जोखिम बन सकती हैं। इसी कारण कंपनी ने इसे सार्वजनिक रूप से जारी करने के बजाय सीमित और नियंत्रित उपयोग तक ही रखा है।