बोड़ाम: पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम प्रखंड की करीब 350 छात्राओं को अपने क्षेत्र से लगभग 40 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। भुला गांव में करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला झारखंड आवासीय बालिका विद्यालय का भवन आठ साल बाद भी अधूरा है। विद्यालय खोलने की घोषणा वर्ष 2015 में हुई थी और 2016 से छात्राओं का नामांकन शुरू हो गया था, जबकि भवन निर्माण का काम 2018 में शुरू हुआ।


जानकारी के अनुसार, अब तक निर्माण का केवल 10 से 15 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। वर्ष 2024 में काम में लापरवाही के आरोप में संवेदक का अनुबंध समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद से निर्माण कार्य बंद है। विद्यालय परिसर में झाड़ियां और घास उग आई हैं। भवन की नींव और अधिकांश पिलर तैयार हैं, लेकिन दीवारों और छत का निर्माण नहीं हो पाया है। यहां शैक्षणिक भवन के साथ छात्रावास भी बनाया जाना है।
निर्माण की जिम्मेदारी राज्य भवन निर्माण निगम को दी गई थी। काम दोबारा शुरू कराने के लिए उपायुक्त स्तर से तीन बार पत्र लिखे जाने की बात कही गई है, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
फिलहाल नामांकित छात्राएं सुंदरनगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पढ़ रही हैं। कक्षा छह से 12वीं तक संचालित इस विद्यालय में हर साल करीब 50 छात्राओं का नामांकन होता है। अतिरिक्त छात्राओं के कारण वहां के संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है और सीटों की कमी से कई बच्चियां दाखिले से वंचित रह जाती हैं। छात्राएं कई बार बोड़ाम में अपना विद्यालय भवन बनाने की मांग उठा चुकी हैं।

