देवघर: नशीले पदार्थों और मादक द्रव्यों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से देवघर में एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का नेतृत्व उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने किया। इस दौरान अधिकारियों ने लोगों से नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की।


रैली में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने हाथों में नशा मुक्ति से जुड़े संदेशों वाले बैनर और तख्तियां लेकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अवैध मादक पदार्थों से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी प्रशासन को दें।
रैली के दौरान उपस्थित लोगों ने नशा से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। प्रशासन ने बताया कि जिले में आगे भी नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद और विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि युवाओं को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य प्रदान किया जा सके।
गौरतलब है कि झारखंड सरकार और जिला प्रशासन द्वारा राज्यभर में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामाजिक जागरूकता से ही संभव है।

