घाटशिला: नवरात्रि के पावन अवसर पर सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के विवेकानंद सभागार में भव्य डांडिया उत्सव का आयोजन किया गया। पारंपरिक परिधानों, मधुर संगीत और डांडिया की थाप के बीच विश्वविद्यालय परिसर उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास से भर उठा। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत, सामाजिक समरसता और विविधता में एकता का संदेश दिया गया।


उत्सव में विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर प्राप्त किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच आपसी सहयोग, अपनत्व और सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत किया। आयोजन का उद्देश्य शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के रचनात्मक और सांस्कृतिक विकास को प्रोत्साहित करना भी रहा।
विश्वविद्यालय की सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का दायित्व केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारों, जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना से समृद्ध बनाना भी है। ऐसे आयोजन आत्मविश्वास, अनुशासन और सहयोग की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने सांस्कृतिक समन्वय को सामाजिक एकता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि डांडिया जैसे आयोजन विद्यार्थियों को विभिन्न परंपराओं को समझने और उनका सम्मान करने का अवसर देते हैं। वहीं, कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने युवाओं से आधुनिक ज्ञान और नवाचार के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कृति हमारी पहचान और एकता हमारी ताकत है। उत्सव का समापन भारतीय परंपराओं के संरक्षण, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव के संदेश के साथ हुआ।

